Uttarakhand Forest Fire में अब तक अनमोल वन संपदा जलकर नष्ट हो चुकी है। कई मौतें भी हो चुकी हैं। सेना के हेलिकॉप्टर मोर्चे पर हैं, लेकिन आग बुझ नहीं रही है। वन विभाग के मुताबिक कुछ लोग जानबूझ कर आग लगा रहे हैं। इस पर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अनुपालन समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग की लगातार सामने आ रही घटनाओं पर प्रदेश सरकार सख्त हुई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जंगलों में आग लगाने वालों पर गुंडा एक्ट लगाया जाएगा और ऐसे व्यक्तियों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि आग रोकने के कार्य में लापरवाही बरतने वालों अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आग पर नियंत्रण पाने को आइआइटी रुड़की की सहायता से क्लाउड सीडिंग के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
आग बुझाने के कार्यों में लगीं कई टीमें
मुख्य सचिव ने बताया कि आग बुझाने में प्रबंधन अधिकारी, डीएफओ, पुलिस अधिकारियों व फायर वाचर की टीमें लगी हैं। इनकी सहायता के लिए युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, पीआरडी कर्मी, होमगार्ड, पीएसी जवान व स्वयं सहायता समूहों को लगाया गया है। आग लगाने की घटनाओं में लिप्त व्यक्तियों पर फारेस्ट एक्ट व वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित स्थानों पर हेलीकाप्टर की सहायता से पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने कहा, सरकार उन गांवों को पुरस्कृत करेगी, जहां ग्रामीणों ने अपने गांवों को जंगल की आग से बचाने का काम किया है। वनाग्नि प्रबंधन समिति के तहत भी पुरस्कार की व्यवस्था की गई है।
Uttarakhand Forest Fire : धधक रहे जंगल, आग बुझाने में हांफ रहा वन विभाग, फिर भी सिर्फ दो पेड़ जले!
जंगलों में आग लगाने वाले 10 लोगों पर मुकदमा
जंगल में जान बूझकर आग लगाने के मामले में पुलिस ने 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि छह अज्ञात हैं। वन विभाग ने 351 मुकदमे दर्ज किए हैं, जिसमें 290 अज्ञात, जबकि 61 नामजद मुकदमे हैं। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार के मुताबिक, वन, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ऐसे लोगों की पहचान कर रही है।

रील बनाने के लिए लगा रहे आग
पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने कहा कि, कुछ लोगों की मानसिकता इतनी खराब हो चुकी है कि रील बनाने के लिए जंगल में आग लगा दी। ऐसे एक मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बेकाबू हो रही आग
जंगल की आग बेकाबू हो गई है। गढ़वाल से कुमाऊं तक सोमवार को 20 जगह जंगल धधके, जिससे 52 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जल गया। गढ़वाल में सबसे अधिक 10 और कुमाऊं में नौ घटनाएं हुई हैं। जंगलों की आग की राज्य में अब तक 930 घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 1,196 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुका है। सबसे अधिक 491 घटनाएं कुमाऊं और 365 घटनाएं गढ़वाल में हुईं, जबकि 74 मामले वन्य जीव क्षेत्र के हैं। बेकाबू हो चुकी आग से अब तक पांच लोगों की मौत और चार लोग झुलस चुके हैं।
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केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने आग लगाते 10 लोगों को पकड़ा
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम ने ऊखीमठ रेंज के सेंचुरी क्षेत्र में रामबाड़ा अनुभाग के कालीफाट मीठा पानी में छह लोगों को जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं गौचर में भी वनाग्नि लगाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म भी कुबूल किया है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की गोपेश्वर और ऊखीमठ रेंज की टीम सोनप्रयाग- भीमबली क्षेत्र का भ्रमण पर निकली थी। इस दौरान कर्मियों को कालीफाट के मीठा पानी में छह लोग मिले, जिन्होंने वहां वन क्षेत्र में आग लगा रखी थी। पूछताछ में इन लोगों ने अपना नाम मस्तान सिंह, राजेंद्र खत्री, मनोज चंद्र, देवेंद्र लाल, मान सिंह और शाहिल चंद्र निवासी डंगवाल गांव, जखोली, बताया। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि अभी तक 25 से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।