Uttarakhand : गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के पहले दिन पक्ष-विपक्ष में गजब की तकरार देखने को मिली। दोपहर में जहां विपक्षी विधायकों पर माइक, टेबल तोड़ने के आरोप लगे वहीं रात में विधायकों ने नैनीताल के डीएम और एसएसपी के तबादले को लेकर सदन में ही डेरा डाल दिया। कांग्रेस विधायकों ने रात सदन में ही गुजारी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह से फोन पर बातचीत कर उनकी मांगों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जो भी मांगें हैं, उन पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने दोनों नेताओं से धरना समाप्त करने और विधायक आवास पर लौटने की अपील की। लेकिन, बात नहीं बनी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से लेकर सभी कांग्रेसी विधायक कंबल ओढ़कर बैठे नजर आए। शाम को पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी से विपक्ष की वार्ता विफल हुई। देर रात तक सभी विपक्षी विधायक सदन के भीतर कंबल ओढ़कर बैठे रहे। कांग्रेस के विधायकों का कहना है कि उनकी मांग नहीं मानी गई इसलिए सभी ने सदन में ही रात गुजारने का फैसला किया। इस मुद्दे पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सदन में अपराध एवं कानून व्यवस्था के महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार इससे बचना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस विरोध स्वरूप सदन में ही रात्रि विश्राम कर रही है।
उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने रात को सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी करते के सदन के भीतर की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि सदन में तोड़फोड़ का आरोप कोरी अफवाह है। भाजपा सरकार मुद्दे को डाइवर्ट कर रही है, यहां सब ठीक है। देर रात खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी फेसबुक पर सदन के भीतर का एक वीडियो शेयर किया। उसमें विपक्ष के विधायक सदन में लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।