मैं राजनीति में हमेशा के लिए नहीं हूं। दिल से मैं योगी ही हूं। यह कहना है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। एक निजी चैनल के साथ हुई बातचीत में जब प्रधानमंत्री पद पर उनकी दावेदारी को लेकर प्रश्न पूछा गया तो उसी के जवाब में उन्होंने यह बातें कहीं। सीएम योगी का कहना है कि राजनीति उनका पूर्णकालिक व्यवसाय नहीं है। मुख्यमंत्री पद पर उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए है। वह हमेशा के लिए राजनीति में नहीं आए हैं। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है उसे निभा रहा हूं। सीएम ने केंद्रीय नेतृत्व से मतभेद होने से जुड़े सवाल को खारिज किया। कहा, केन्द्रीय नेतृत्व के साथ कोई मतभेद नहीं है। मतभेद होता तो मैं यहां नहीं बैठा होता। मैं खुद को विशेष भी नहीं मानता हूं। पार्टी के कारण ही मैं यहां बैठा हूं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय नेताओं के साथ मतभेद करके मैं यहां बैठा रह सकता हूं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पॉलिटिक्स में धर्म का मिलन गलत नहीं है। गलत यह है कि हम राजनीति को कुछ लोगों के लिए ही छोड़ देते हैं। इससे बड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। राजनीति का उद्देश्य स्वार्थों की पूर्ति करना नहीं है बल्कि समाज की भलाई करना है। इसी तरह धर्म का उद्देश्य भी परमार्थ होता है। जब धर्म का प्रयोग स्वार्थ की पूर्ति के लिए होता है तो मुश्किल आती है लेकिन परमार्थ का उद्देश्य होने पर धर्म प्रगति के मार्ग खोलता है।
टिकट बंटवारा…चलने न चलने की बात नहीं
टिकट बंटवारे को लेकर सीएम योगी ने कहा कि यह काम संसदीय बोर्ड करता है। उसमें सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा होती है। इसमें किसी के चलने या न चलने की बात ही नहीं है।
सपा मुखिया को गायों के गोबर से बू आती है…अपने कामों से नहीं
सपा मुखिया अखिलेश यादव के हालिया बयान पर सीएम योगी ने कहा कि उन्हें गायों के गोबर से बू आती है लेकिन अपने कामों से नहीं। निराश्रित गोवंश उन्हीं की देन है। उनकी सरकार में निराश्रित गोवंशों को कसाइयों के हवाले किया जाता था। हमारी सरकार में उनके मित्र कसाइयों को जहन्नुम भेजना शुरू किया। इसी वजह से सपा मुखिया को काफी कष्ट है। अपनी सरकार की उपलब्धियों पर बात करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में खूब दंगे होते थे। अब किसी की हिम्मत नहीं होती।
डीजे का आकार छोटा करो
सीएम योगी ने कहा कि ताजिया की ऊंचाई कम करना चाहिए। नहीं तो हाईटेंशन लाइन से टकराकर मर जाओगे। हम कांवड़ यात्रियों से भी बोलते हैं, डीजे का साइज छोटा करो। उसके खिलाफ एक्शन भी लेते हैं। कानून सबके लिए बराबर है। सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर कहा कि आप नमाज पढ़ने के नाम पर घंटों सड़क जाम करेंगे। यह नहीं चलेगा। सड़क नमाज पढ़ने के लिए नहीं है। उसके लिए ईदगाह और मस्जिदें हैं।
पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन?
इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी पर खूब बहस चल रही है। शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश का अगला प्रधानमंत्री महाराष्ट्र से होगा जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मोदी जी ही देश का नेतृत्व करेंगे। हमारी संस्कृति में जब तक पिता जीवित होता है उत्तराधिकारी की बात नहीं की जाती है। बता दें कि इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं काफी तेज हैं। योगी को उनके समर्थकों के द्वारा प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। ये चर्चाएं प्रधानमंत्री मोदी के 30 मार्च को संघ मुख्यालय जाने के बाद और तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं में सीएम योगी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।
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