Dharali Cloudburst : धराली आपदा में मलबे में दफन जिंदगियों की तलाश हो रही है लेकिन सोमवार शाम से हो रही तेज बारिश बचाव अभियान में बाधा बनी है। साथ ही खीरगंगा नदी में पानी बढ़ गया है। इसके बाद भी मौसम की चुनौती के बीच आज रेस्क्यू के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व जिला प्रशासन ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि खीरगंगा और उसके नजदीक हंतयारी गाड का पानी बढ़ने लगा है। साथ ही हर्षिल में बचाव अभियान रोक दिया गया है।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि आपदा में 43 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। जिनमें से धराली गांव के एक युवक आकाश पंवार का शव बरामद हुआ है। मृत युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। शेष लापता 42 लोगों में नौ सेना के कार्मिकों के साथ ही धराली गांव के आठ और निकटवर्ती क्षेत्रों के पांच लोग शामिल हैं। टिहरी जिले का एक, बिहार के 13 और उत्तर प्रदेश के छह व्यक्ति भी लापता बताए गए हैं। इनके अतिरिक्त 29 नेपाली मजदूरों के लापता होने की भी सूचना मिली थी, जिनमें से मोबाईल नेटवर्क बहाल होने के बाद पांच व्यक्तियों से संपर्क हो चुका है।

शेष 24 मजदूरों के संबंध में उनके ठेकेदारों से अधिक विवरण नहीं मिल पाया है। संबंधित ठेकेदारों को कहा गया है कि इन मजदूरों को जहां से लाया गया है, वहां से उनके मोबाइल नंबर तथा अन्य जानकारी प्राप्त की जाय। ऐसा माना जा रहा है कि अभी तक सकुशल मिले पांच मजदूरों की तरह शेष अन्य मजदूर भी अन्यत्र जा सकते है। केदारनाथ आपदा के दौरान भी लापता बताए गए कई लोग प्रभावित क्षेत्र से वापस अपने घर पहुंच चुके थे। अन्य राज्यों के लापता लोगों के घरों का पता जुटाकर भी उनकी खोज-खबर का प्रयास किया जा रहा है। इन लोगों के बारे में अंतिम वस्तुस्थिति एक-दो दिन में साफ होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग, देहरादून द्वारा जारी भारी वर्षा की संभावना के दृष्टिगत कल मंगलवार अर्थात 12 अगस्त को जनपद ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर और चंपावत में कक्षा 1 से 12 तक के समस्त स्कूलों के साथ साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।