Cloudburst In Uttarkashi : धराली हादसा अपने पीछे कई मार्मिक कहानियां छोड़ गया है। एक ऐसी ही कहानी 24 दोस्तों की है। 35 साल के बाद सबने एक दूसरे के साथ मिलकर बाहर जाने की योजना बनाई। तय हुआ कि चारधाम यात्रा पर चला जाए। वहीं सब एक साथ हो जाएंगे। आपदा वाले दिन यह ग्रुप धराली में ही था। तब से सभी लोग लापता है। परिजनों को उम्मीद है कि सभी 24 दोस्त सलामत होंगे। सभी लोग पुणे के अवसारी खुर्द गांव के थे। यह गांव पुणे शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।
सभी दोस्त 1990 में 10वीं कक्षा में साथ पढ़े थे। अशोक भोर के साथ पढ़े सभी दोस्त अलग-अलग जगहों पर रहते हैं। अधिकतर मुंबई में रहते हैं। सबने फोन पर बात कर मुंबई से 1 अगस्त से अपना टूर शुरू किया था। सभी को 12 अगस्त को दिल्ली से फ्लाइट से मुंबई लौटना था। अशोक भोर के पुत्र आदित्य ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सोमवार शाम उनकी पिता से आखिरी बार बात हुई थी। तब उन लोगों का ग्रुप गंगोत्री से 10 किलोमीटर दूर भुस्खलन के कारण अटक गया था। तब से ग्रुप के किसी मेंबर से कोई संपर्क नहीं हो सका है। आदित्य का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता है कि आपदा वाले दिन सब लोग कहां थे। आपदा के बाद तरह-तरह की आशंकाएं मन में आ रही हैं। उत्तराखंड प्रशासन के संपर्क में हैं। लेकिन, अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

मल्हारी अभंग जो उनके साथ जाने वाले थे, किन्हीं कारणों से नहीं जा सके, ने बताया कि सोमवार की दोपहर वीडियो कॉलिंग पर सबसे बात हुई थी। उनलोगों ने सोशल मीडिया पर फोटो भी अपडेट की थी। इसके बाद किसी से संपर्क नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि पांच अगस्त को उनलोगों का धराली में ही रुकने का प्लान था। इसके बाद छह अगस्त को वह लोग गौरीकुंड के लिए निकलने वाले थे। वहीं, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने भी बयान दिया कि वह महाराष्ट्र के उन लोगों को लेकर चिंतित हैं जो उत्तरकाशी गए थे। इसके लिए वह उत्तरकाशी प्रशासन के संपर्क में हैं।