उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद महाकुंभ में मानव उत्थान सेवा समिति के सद्भावना सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे। सम्मेलन में पहुंचकर मुख्यमंत्री जी ने वहां मौजूद श्रृद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सद्गुरु सतपाल महाराज के गुरुदेव एक सिद्ध योगी थे, उनकी साधना ने भारत के सनातन धर्म की पवित्र परम्परा से आगे बढ़कर मानव कल्याण का जो मार्ग प्रशस्त किया उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए देश और दुनिया में सनातन धर्म के मूल्यों को को पूरी मजबूती के साथ स्थापित करने का काम सतपाल महाराज इस सद्भावना सम्मेलन के माध्यम से कर रहे हैं।
सनातन धर्म यह तेरा या मेरा का संकुचित भाव लेकर नहीं चलता बल्कि वसुधैव कुटुम्बकम की भावना लेकर चलता है और उसी सद्भावना का संदेश पूरी मानवता को लिए देने के लिए सनातन धर्म आगे बढ़ रहा है। जब पूरी दुनिया में मानवता कराह रही है, तब सनातन धर्म विश्व मानवता को एक मार्ग दिखा सकता है और यह मार्ग इस सद्भावना सम्मेलन के माध्यम से, इस सम्मेलन में उपस्थित समुदाय और उपस्थित श्रद्धालुओं के माध्यम से मिल सकता है।
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मुख्यमंत्री , केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ अपने व्यस्त कार्यक्रम के समापन के बाद सद्भावना सम्मेलन में हिस्सा लेने गए। मुख्यमंत्री ने सद्भावना सम्मेलन के उद्देश्यों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा ही असली महाकुंभ है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह अपने आज के इस दौरे में एयरपोर्ट पहुंच गए थे, स्टेट प्लेन में बैठने जा रहे थे, तभी उन्होंने सतपाल महाराज से बात की, तो पता चला कि उनका कार्यक्रम अभी चल रहा है, जिसके बाद वह एयरपोर्ट से वापस लौट आए और इस सम्मलेन में उनके साथ शामिल हुए। सद्गुरु सतपाल जी महराज ने दिव्य और भव्य महाकुंभ की व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री जी का जिक्र किया और कहा कि संत जब राजनीति में होता है तो राजनीति निष्काम और पवित्र हो जाती है।