राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड एकदम तैयार है। सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने गढ़वाल व कुमाऊं परिक्षेत्र सहित समस्त जनपद प्रभारियों, सेनानायकों एवं संबंधित इवेंट मैनेजमेंट एजेंसियों के साथ त्रुटिरहित सुरक्षा व्यवस्था, फोर्स व्यस्थापन प्लान, यातायात प्लान, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक उपकरण के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि दस हजार खिलाड़ियों के साथ पुलिसकर्मी साये की तरह रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। सभी पुलिसवाले मुस्तैद रहेंगे। डीजीपी ने बताया कि खिलाड़ियों की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी। जहां पर खिलाड़ी रुकेंगे वहां परिसर में कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम से इनकी निगरानी की जाएगी।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सभी को निर्देश दिया कि उच्च स्तर पर सतर्कता बरती जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों को निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को त्रुटिरहित और ऐतिहासिक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाए। यह आयोजन उत्तराखंड की क्षमता और सौंदर्य को देश-दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर है। जिसे सकुशल व सुरक्षित तरह से आयोजित कराने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।
बतादें कि 28 जनवरी से प्रारंभ हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेल प्रदेश के 09 जनपदों में 19 आयोजन स्थलों पर आयोजित होंगे। जिसमें 44 स्पर्धाओं में लगभग 10 हजार खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। जहां पर खेल होने हैं वहां पर तैयारियां कर ली गईं हैं। रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है।
पुलिस की तैयारियां
- खिलाड़ियों के साथ साये की तरह रहेगी पुलिस। खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उनके प्रवास स्थलों, वहां से आयोजन स्थलों जाने के मार्ग, अभ्यास सत्र, प्रतिस्पर्धी ईवेन्ट में प्रभावी एक्सेस कन्ट्रोल सुनिश्चित किया जाये। महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- 10 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे ड्यूटी में तैनात। सभी जनपद प्रभारी सम्बन्धित ईवेन्ट मैनेजमेन्ट एजेन्सियों (Deepali Design, Grant Thorton (SPMU), और Thomas Cook (ACT)) के साथ समन्वय कर समय से खिलाड़यों की सुरक्षा, आवास व्यवस्था, यातायात प्लान, पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित कर लें और सभी आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक उपकरण स्थापित करा लें।
- सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे खिलाड़ी, कंट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग सुरक्षा के दृष्टिगत आयोजन / प्रवास स्थलों पर सीसीटीवी से लैस कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
- सभी एजेन्सियों व अधिकारियों के मध्य एक प्रभावी और रियल टाइम कम्यूनिकेशन हो।
- खिलाड़ियों के प्रवास स्थलों में कार्यरत कर्मियों का समय से सत्यापन कराना सुनिश्चित किया जाये।
- रूट यातायात/एन्ट्री व एक्जिट प्लान, पार्किंग व्यवस्था को निदेशक यातायात एवं सम्बन्धित जनपद प्रभारी स्वयं मॉनिटरिंग करें।
- आयोजन स्थलों पर फायर सेफ्टी/सिक्योरिटी प्लान के अनुसार अग्निशमन के समस्त उपाय जैसे मोटर फॉयर इंजन, फॉयर एक्सटिंग्यूशर आदि पर्याप्त संख्या में मौके पर उपलब्ध हों।
- एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, आयोजन स्थलों व खिलाड़ियों के प्रवास स्थलों की सुरक्षा मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
- निर्धारित कंटीजेंसी व इवैक्यूएशन प्लान का अभ्यास किया जाये तथा सभी को इसके विषय में ब्रीफ भी किया जाये।
- अभिसूचना संकलन के लिए विभिन्न टीमें का गठन सम्बन्धित जनपद प्रभारियों द्वारा किया जाये।
- एंटी सबोटाज व BDS की टीमें 24×7 तैनात रहेंगी।
- विधुत विभाग, पेयजल, PWD, फायर, एसडीआरएफ व अन्य सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आयोजन को सफलतापूर्वक कराने हेतु भी निर्देशित किया गया।