Close Menu
तीरंदाज़तीरंदाज़
    https://teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest Dribbble Tumblr LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram Snapchat RSS
    अराउंड उत्तराखंड
    • 38वें नेशनल गेम्स ने देवभूमि को खेलभूमि बनाने का मार्ग प्रशस्त किया : सीएम धामी
    • कंडी मोटर मार्ग और लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर फैसला जल्दः Anil Baluni
    • Dhami Cabinet विस्तार का काउंटडाउन शुरू? पूर्व मंत्रियों को तत्काल मंत्री आवास खाली करने को कहा गया, देखें पत्र
    • Uttarakhand : परिवीक्षा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को स्थायी करने का निर्देश जारी
    • Uttarakhand : स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम धामी, कार्यों का लिया जायजा
    • Uttarakhand : पौड़ी आपदा से प्रभावित लोगों को भी धराली-थराली की तर्ज पर दी जाएगी मदद
    • दुकानों पर स्वदेशी नाम पट्टिका जरूर लगाएं : CM Dhami
    • Uttarakhand : कई योजनाओं के लिए जारी की गई धनराशि
    • हम उन्हें बार-बार चेताएंगे, यह हमारा फर्ज है : त्रिवेंद्र सिंह रावत
    • लेखक गांव : योग-पर्यटन और साहित्य प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय केंद्र: त्रिवेंद्र सिंह रावत
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram LinkedIn
    Friday, August 29
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    Home»उत्तराखंड 360»मरचूला हादसे पर गुस्साए पीड़ित बोले, फांसी पर क्यों नहीं चढ़ा देते?
    उत्तराखंड 360

    मरचूला हादसे पर गुस्साए पीड़ित बोले, फांसी पर क्यों नहीं चढ़ा देते?

    36 लोगों की मौत के बाद सातवें आसमान पर है स्थानीय लोगों का गुस्सा। सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों से हो रही तीखी बहस। कह रहे- अस्पताल न रोजगार...यहां है क्या, पहाड़ खाली करा रहा शासन-प्रशासन।
    teerandajBy teerandajNovember 7, 2024No Comments
    Share now Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    Share now
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn

    जिन आंखों ने 36 लाशें देखी हों, खून से लथपथ घायलों को तड़पते देखा हो, उनका गुस्सा होना लाजिमी है। यह गुस्सा इन लोगों की आंखों-बातों में नजर आ रहा है। इनके पास हजारों सवाल हैं। जिम्मेदारों के पास जवाब नहीं हैं। मरचूला हादसे के बाद बुधवार को जब जांच टीम घटनास्थल पर पहुंची तो स्थानीय लोग जमा हो गए। चूंकि, यहां पर अब तक कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया है। इसलिए ये लोग इन सरकारी मुलाजिमों पर ही अपना गुस्सा उतार रहे हैं। वीडियो में आप इनका गुस्सा देख सकते हैं। गुस्सा अपार है…लेकिन, इनके सवाल जायज  लगते हैं।

    यह भी पढ़ें : हमारी किस्मत में सिर्फ हादसे हैं.. 36 मौतों के बाद गड्ढे भरवाने पहुंचे अधिकारी

    मरचूला के एक बुजुर्ग का गुस्सा सातवें आसमान पर था। गांव में एक व्यक्ति को इस हादसे में गंवा चुके हैं। वह कहने लगे, पहाड़ को खाली कराने में शासन-प्रशासन का ही हाथ है। इनकी वजह से लोग पलायन कर रहे हैं। यहां पर है क्या? न अस्पताल है न ही रोजगार है। सड़कों का हाल आंखोदेखी है। लोग जानें गंवा रहे हैं। लोगों को इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। हमारे लिए यहां पर कौन सी सुविधाएं दी गई हैं। बाकी नेताओं को क्या कहा जाए…प्रधानमंत्री ने भी कहा था यहां पर विकास कराएंगे। हम पूछते हैं, कहां है विकास। बीजेपी-कांग्रेस सब एक जैसे हैं। किसी ने पहाड़ के बारे इमानदारी से नहीं सोचा।

    जब टीम जांच के लिए पहुंची तो लोगों ने फिर वही सवाल पूछा, सुरक्षा के लिए पहले क्यों नहीं कुछ किया गया। हादसे के बाद ही यह सब तामझाम क्यों होता है। बुजुर्ग ने जांच टीम से कहा, इस तरह लोगों को गड्ढे में डालने के बजाय यहां के लोगों को फांसी पर क्यों नहीं चढ़ा देते। जाओं सांसद, विधायक, सचिव, पीएम, सीएम से जाकर कह दो।

    #AlmoraBusAccident। लोग पूरी तरह फट पड़े हैं, घटनास्थल पर जांच को पहुंची टीम को जमकर सुनाया। बोले- ‘शासन-प्रशासन की वजह से मरे हैं लोग। कोई हमारी आवाज नहीं सुनता, रोते हैं हम लोग।’ pic.twitter.com/yPfDkUWDps

    — Arjun Rawat (@teerandajarjun) November 7, 2024

    हादसा…जिन लोगों ने नहीं देखा होता है उनके लिए यह तीन अक्षरों का महज एक शब्द होता है। लेकिन, जिन्होंने देखा है वह इसकी पीड़ा जीवन भर नहीं भुला पाते हैं। मरचूला हादसे ने सिर्फ 36 जिंदगियां ही नहीं लीलीं हैं, इनके साथ सैकड़ों लोगों को हमेशा के लिए एक गहरा जख्म भी दिया है। हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर युवा थे। जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान से पढ़ाई-लिखाई, कामधाम में जुटे थे। इनके जाने के बाद परिवार पर क्या गुजर रही होगी इसकी कल्पना नहीं की जा सकती।

    यह भी पढ़ें : मरचूला Bus Accident …मैं लौटा हूं अपने साथ कई सारे ‘काश’ लेकर

    मंगलवार की सुबह घटनास्थल पर जब एक टीम सड़क पर बने गड्ढे में मिट्टी डालने आई थी तब भी लोगों ने खूब खरीखोटी सुनाई थी। उन लोगों का भी कहना है कि आखिर, हादसे के बाद ही सड़क सुरक्षा पर क्यों ध्यान जाता है। लोगों ने कहा कि यहां से 100 मीटर आगे चलिए, हम आपको दिखाते हैं कि एक पुस्ता (पहाड़ पर सड़कों के किनारे बनी दीवार) की हालत इतनी जर्जर है कि यहां पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है। लेकिन, आप लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्या तीन साल से विभाग के पास बजट भी नहीं आया है। आप लोग एक और हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

    क्रैश बैरियर लगाने का हुआ था आदेश

    सरकारी कार्यप्रणाली को देखें तो मरचूला के लोगों को गुस्सा जायज ही लगेगा। बतादें कि जिस मरचूला-सतपुली मोटर मार्ग पर सड़क हादसा हुआ है, इस पर इसी साल मार्च में क्रैश बैरियर लगाने समेत अन्य सुरक्षा कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। पर कई महीने गुजर जाने के बाद भी कार्य नहीं हुआ। अब सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। इस समिति को तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। हादसे के बाद मार्ग पर सड़क सुरक्षा इंतजाम को लेकर लोनिवि पर सवाल उठ रहे हैं।

    आरटीओ बता रहे हैं कि बस का कमानी वाला पट्टा कूपी बैंड के पास पहुंचते ही अचानक टूट गया। संभवतः उस समय चालक बस को बैंड से मोड़ने की कोशिश कर रहा था। पट्टा टूटते ही चालक का नियंत्रण बस से समाप्त हो गया और बस सीधे गधेरे में जा गिरी। आरटीओ कह रहे हैं, तकनीकी विशेषज्ञों से बस के फिटनेस की जांच की जा रही है। सवाल यह उठता है कि कूपी बैंड से गुजरने वाले वाहनों की जांच पहले क्यों नहीं की जाती है। हादसे के बाद ही यह लोग क्यों जागते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब औपचारिकता है। घाव ताजा है। इसलिए कुछ दिनों तक यह सब होगा। इसके बाद हालात जस के तस हो जाएंगे। लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाएगा। शायद पहाड़ियों की किस्मत में हादसे ही हैं।

    Almora Bus Accident उत्तराखंड 360
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Pinterest Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram Follow on LinkedIn
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    teerandaj
    • Website

    Related Posts

    38वें नेशनल गेम्स ने देवभूमि को खेलभूमि बनाने का मार्ग प्रशस्त किया : सीएम धामी

    August 29, 2025 उत्तराखंड 360 By teerandaj4 Mins Read1
    Read More

    कंडी मोटर मार्ग और लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर फैसला जल्दः Anil Baluni

    August 27, 2025 उत्तराखंड 360 By teerandaj2 Mins Read7
    Read More

    Uttarakhand : परिवीक्षा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को स्थायी करने का निर्देश जारी

    August 27, 2025 उत्तराखंड 360 By teerandaj2 Mins Read4
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    https://teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Top Posts

    Uttarakhand Election :चमोली में पूर्व फौजी ने किया बड़ा उलटफेर, भाजपा के कई दिग्गज औंधे मुंह गिरे

    August 1, 202517K

    Independence Day Special: …2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

    August 15, 202513K

    Delhi Election Result… दिल्ली में 27 साल बाद खिला कमल, केजरीवाल-मनीष सिसोदिया हारे

    February 8, 202513K

    Uttarakhand की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का माध्यम बन रही है मातृशक्ति

    August 4, 202513K
    हमारे बारे में

    पहाड़ों से पहाड़ों की बात। मीडिया के परिवर्तनकारी दौर में जमीनी हकीकत को उसके वास्तविक स्वरूप में सामने रखना एक चुनौती है। लेकिन तीरंदाज.कॉम इस प्रयास के साथ सामने आया है कि हम जमीनी कहानियों को सामने लाएंगे। पहाड़ों पर रहकर पहाड़ों की बात करेंगे. पहाड़ों की चुनौतियों, समस्याओं को जनता के सामने रखने का प्रयास करेंगे। उत्तराखंड में सबकुछ गलत ही हो रहा है, हम ऐसा नहीं मानते, हम वो सब भी दिखाएंगे जो एकल, सामूहिक प्रयासों से बेहतर हो रहा है। यह प्रयास उत्तराखंड की सही तस्वीर सामने रखने का है।

    एक्सक्लूसिव

    Dhami Cabinet विस्तार का काउंटडाउन शुरू? पूर्व मंत्रियों को तत्काल मंत्री आवास खाली करने को कहा गया, देखें पत्र

    August 27, 2025

    Dehradun Basmati Rice: कंकरीट के जंगल में खो गया वजूद!

    July 15, 2025

    EXCLUSIVE: Munsiyari के जिस रेडियो प्रोजेक्ट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, उसमें हो रहा ‘खेल’ !

    November 14, 2024
    एडीटर स्पेशल

    Independence Day Special: …2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

    August 15, 202513K

    Uttarakhand : ये गुलाब कहां का है ?

    February 5, 202512K

    Digital Arrest : ठगी का हाईटेक जाल… यहां समझिए A TO Z और बचने के उपाय

    November 16, 20249K
    तीरंदाज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    • About Us
    • Atuly Uttaraakhand Emagazine
    • Terms and Conditions
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    © 2025 Teerandaj All rights reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.